Wednesday, September 4, 2019

हिंदी दोस्ती शायरी best dosti shayari

     हिंदी दोस्ती शायरी best dosti shayari

दोस्ती . . . मनुष्य को ईश्वर के दिए हुए वरदानो में से एक है जिसके बिना वो अपने जीवन की कल्पना नहीं करता !
दोस्ती की दुनिया में लाखो परिभाषाये है परन्तु दो स्तरों के मिलान को दोस्ती कहा जाता है फिर वो चाहे कोई भी स्तर क्यों न हो – जैसे कि दो लोगो के विचारो का स्तर अगर एक है तो फिर वो दोस्ती है !

अगर किसी इंसान को दुनिया की सारी दौलत दे दी जाये और उससे उसके दोस्त छीन लिए जाये तो वो कभी भी उस दौलत के साथ जीना नहीं चाहेगा !


कुछ ऐसी ही है दोस्ती की दास्ताँ और इस दास्ताँ को बयाँ करने का शायरी एक बहुत ही अच्छा माधयम है, इसलिए “www-shayari-com.blogspot.com पर पढ़े और शेयर करे दोस्ती को बयां करने के लिए शायरियां. . . !!




वो हमें भूल जाते हैं जिन्हें हम याद करते हैं
दिल जिन्हें चाहता है वो ही बर्बाद करते हैं
उनका हर सितम याद बनकर रहता है सीने में
उनके हर सितम को शेरों मैं ही दाद करते हैं

माना फूलों को छुआ तो वो नश्तर बन गए
महलों को छुआ तो वो खंडहर बन गए
उसके बावजूद दीवाना के शेर जिस दिल में
 पढ़े
वो दिल मयकदे से बदलकर मंदिर बन गए


यूं तो मर गए हैं अरमान इक एहसास बाकी हैडूब गए गम के सागर में फिर भी प्यास बाकी है
गर हकीकत में हम मर भी गए तो कुछ अजीज कहेंगे
अपने शेरों में आज भी जिंदा दीवाना सुभाष बाकी है

गर तेरे इंतजार में मर भी गया दीवाना
तब भी मेरी रूह राहों में भटकती रहेगी
बेचैनी बेकसी की दास्ता फिर भी
बनके शायरी अक्सर किताबों में छपती रहेगी
उसकी खुशी के लिए दिल चाहे मौत अपनालू
मगर मरने से पहले उन्हें इतना तो समझालु
मर के भी जिंदा रहूंगा मैं अपने लिखे शेरों में
बाद में कहेंगे स्वर्गवासी अब तो दीवाना कहालू


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लूटा है हमें खुद हमारी ही म्हरवानो ने,
पूजा समझा प्यार हम नादान दीवानों ने !
एक तुम ही थे जो ना पढ़ सके शेय मेरे को,
यूं तो पढे है शेर जाने कितनी जुबानो ने !!

उल्फत हुई हमें गमों से इतनी, हर खुशी से दामन बचाने लगे
ठोकरें खा खा कर उनकी, यारो हम शेर पर शेर बनाने लगे

अश्क बहाए हमने तेरी चाहत में
गम अपनाएं हमने तेरी चाहत में
न उतरता था जेहन में अल्फाज एक भी
शेर बनाए हमने तेरी चाहत में

दस्तूर ए वफा निभाना छोड़ दूं
बताओ कैसे मैं मयखाना छोड़ दूं
शायरी बन चुकी है अब सांसे मेरी
फिर कैसे कलम चलाना छोड़ दू


दिल लगाने से पहले मैं शायर ना था
तेरे ठुकराने से पहले मैं शायर ना था
तेरे हिजर ने सिखा दी हमें शायरी
कलम उठाने से पहले मैं शायर ना था

एक-एक अल्फाज एक एक अश्क से सजाया है
स्याही में हमने अपना खून दिल मिलाया है
इन शेरों मे ही छुपी है मेरी उमरे दास्तान
पढ़ोगे तो जान जाओगे कौन अपना पराया है
वो हमें भूल जाते हैं जिन्हें हम याद करते हैं
दिल जिन्हें चाहता है वो ही बर्बाद करते हैं
उनका हर सितम याद बनकर रहता है सीने में
उनके हर सितम को शेरों मैं ही दाद करते हैं

धड़कता है दिल रुक रुक के
देखती हैं निगाहें छुप छुपके
मेरी शायरी को लतीफा ना समझो
निकले हैं अल्फाज दिल फूकफूक के

http://www-shayari-com.blogspot.com.

9 comments:

  1. Aapne bahut acchi shayari hamare sath sanjha ki. Thanks sir for sharing beautiful hindi love shayari with us

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    Sad Shayari in Hindi

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  2. Nice Shyari collection. I really like this post.

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  3. Sahi Me आपने बहुत hi Achha lakha he,mene hi apke hi Tarah, D word name for boy in Hindi ko lakha he

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